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Thursday, September 1, 2016

पिताजी के तर्क - 1

प्रातःकाल मैया, बिटिया की तेल मालिश कर रही थी और मैं प्यार से उसे पुचकार रहा था। 'बेटू' आप थक गए हैं काम करते करते इसीलिए दादीजी आपकी मालिश कर रहे हैं, बहुत थक गए हैं? वदन दर्द दे रहा है?

पिताजी पास ही बैठे थे अनायास ही पूछ पड़े, अच्छा बताईये आप काम क्यों करते हैं ?
मैं उनके प्रश्न से उचकाया और यूँही बोला : पैसा कमाने के लिए ...
पिताजी: और धन अर्जन का मुख्य उद्देश्य क्या है ..
मैं : खुश रहना। ...
पिताजी(मंद मंद मुस्कुराते हुए) : हम्म्म्म। ... तो मुख्य उद्देश्य खुश रहना है, .. और वो काम ये छोटी अबोध बच्ची करती है, सबको खुश रखती है. जो भी कोई देखता है उसको खुश कर देती है. कितना काम करती है ये सोचिये, थक तो जाती ही होगी तो इसकी मालिश तो बहुत जरुरी है :)

और आज पुनः पिताजी के तर्क के आगे मैं निरुत्तर हो गया :)